बैकुंठपुर सिविल लाइन में महापुरुषों की पेंटिंग धूल-गंदगी में दबी, झाड़ियां बनी सौंदर्यीकरण पर सवाल


 बैकुंठपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वच्छ भारत अभियान को बैकुंठपुर नगर पालिका अंगूठा दिखा रही है। जिला मुख्यालय के सिविल लाइन इलाके में हालात यह हैं कि जहां जिला न्यायालय के जज साहब, जिला पंचायत सीईओ, अपर कलेक्टर समेत तमाम बड़े प्रशासनिक अधिकारियों के आवास स्थित हैं, वहीं सड़क किनारे कचरे के ढेर और झाड़ियों ने गंदगी की तस्वीर साफ कर दी है।

सिविल लाइन बैकुंठपुर में सौंदर्यीकरण के नाम पर लाखों रुपए खर्च किए गए, दीवारों पर महापुरुषों की वॉल पेंटिंग और लाइटें लगाई गईं। लेकिन नतीजा यह हुआ कि लाइटें बंद पड़ी हैं, पेंटिंग गंदगी और धूल में दब चुकी हैं, और सड़कें कचरे से अटी पड़ी हैं। नालियों को ढका नहीं गया है और सफाई व्यवस्था पूरी तरह ठप नजर आ रही है।


स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां सफाई तभी होती है जब यहां स्थित विश्राम भवन में किसी मुख्यमंत्री या बड़े मंत्री का दौरा होता है। लेकिन अब सिविल लाइन वीरान और बदहाल स्थिति में है।

स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जहां जिले के बड़े अफसर रहते हैं, वहीं सड़कें इस कदर गंदी पड़ी हैं। ऐसे में बाकी वार्डों की स्थिति कैसी होगी, यह आसानी से समझा जा सकता है। कुल मिलाकर नगर पालिका बैकुंठपुर नींद में सोई हुई है और स्वच्छता अभियान कागजों तक ही सिमट कर रह गया है।