नर्सिंग कालेज प्रस्तावित स्थल के विरोध में बैकुंठपुर के GEN-Z ने चलाया सोशल मीडिया में अभियान, वरिष्ठों का भी मिला सहयोग

    

एक तरफ जहां आज सोशल मीडिया में कॉकरोच पार्टी के नाम से उभरे छात्र युवाओं के समूह ने देश की राजधानी दिल्ली में NEET पेपर लीक और CBSE परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए अपना पहला आंदोलन किया, वहीं दूसरी ओर ठीक उसी समय कोरिया जिले बैकुंठपुर के युवाओं ने भी जिले में महत्वपूर्ण संस्थानों के स्थल चयन को लेकर जनभावनाओं की अनदेखी और मनमाने निर्णयों के खिलाफ सोशल मीडिया पर एक अभियान शुरू कर दिया है।

जिले के पीजी कॉलेज परिसर में एसपी कार्यालय तथा रेस्ट हाउस परिसर में नालंदा परिसर स्थापित किए जाने के निर्णय के बाद से ही युवाओं के बीच असंतोष का माहौल था। जिसके बाद हाल ही में नर्सिंग कॉलेज को जिला चिकित्सालय से लगभग 13 किलोमीटर दूर जूनापारा में स्थापित किए जाने के प्रस्ताव ने इस नाराजगी को एक बार फिर हवा दे दी।

बिना किसी राजनीतिक मंच और बिना किसी औपचारिक संगठन के नाम से युवाओं के एक समूह ने सोशल मीडिया के माध्यम से विरोध अभियान शुरू किया। इसके बाद शहर की गलियों, चौक-चौराहों और पान ठेलों तक इस विषय पर चर्चा होने लगी। बड़ी संख्या में लोग न केवल इस अभियान का समर्थन करते दिखाई दिए, बल्कि स्थल चयन से जुड़े निर्णयों पर आम लोग सवाल भी उठा रहे हैं।

युवाओं ने नर्सिंग कॉलेज के अलावा प्रस्तावित फायर ब्रिगेड स्टेशन, पर्याप्त कनेक्टिविटी मार्ग के बिना निर्मित गेज पुल, अव्यवस्थित चौपाटी, सब्जी मंडी, तथा सिविल लाइन क्षेत्र में बन रहे आवासीय भवनों सहित विभिन्न निर्माण कार्यों के स्थल चयन पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि महत्वपूर्ण सार्वजनिक संस्थानों और परियोजनाओं के निर्माण से पहले स्थानीय जनता की राय, आवश्यकताओं और भावनाओं को भी निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जाना चाहिए।

अब देखने वाली बात यह होगी कि बैकुंठपुर की जेन-जी पीढ़ी द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से शुरू किया गया यह प्रयोग स्थानीय नीति निर्माण और प्रशासनिक निर्णयों को किस हद तक प्रभावित कर पाता है।