कोरिया- जिला मुख्यालय बैकुंठपुर नगर पालिका क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट स्वच्छ भारत अभियान की तस्वीर बेहद शर्मनाक दिखाई दे रही है। नगर पालिका प्रशासन की लापरवाही और उदासीनता के कारण पूरे नगर में स्वच्छता व्यवस्था चरमराई हुई है। हालात यह हैं कि सुबह से लेकर शाम तक वार्डों में जमा कचरा नहीं उठाया जाता, जिससे गलियां और मोहल्ले बदबूदार हो चुकी हैं।
नगरपालिका द्वारा शहर को साफ रखने के लिए वार्डवार डस्टबिन लगाए गए थे, लेकिन अब वे डस्टबिन या तो पूरी तरह से टूट-फूट गए हैं या फिर वार्डों से गायब हो चुके हैं। इसके चलते लोग खुले में ही कचरा फेंकने को मजबूर हैं, और जगह-जगह गंदगी के ढेर लग गए हैं। इससे न केवल वातावरण प्रदूषित हो रहा है बल्कि मच्छर और मक्खियों का प्रकोप बढ़ने से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी मंडराने लगा है।
नगर पालिका परिषद बैकुंठपुर में महिला पुरुष मिलाकर लगभग 100 कर्मचारी कार्यरत है फिर भी सफाई व्यवस्था पूरे क्षेत्र में लचर है । स्थानीय निवासियों का कहना है कि सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी तो लगाई जाती है, लेकिन वे नियमित रूप से काम नहीं करते। कई वार्डों में हफ्तेभर तक कचरा नहीं उठता, जिससे लोगों का जीना दूभर हो गया है। गर्मी और बारिश के मौसम में यह गंदगी और भी खतरनाक साबित हो रही है।
शहरवासी सवाल उठा रहे हैं कि जब केंद्र और राज्य सरकार स्वच्छ भारत अभियान के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, तो आखिर नगर पालिका बैकुंठपुर में इसका असर क्यों नहीं दिख रहा? जबकि पूरा नगरपालिका प्रशासन स्थानीय हैं फिर भी स्वच्छता कोसों दूर हैं लोग अब तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं ताकि नगर की स्वच्छता व्यवस्था पटरी पर आ सके और लोगों को राहत मिल सके।
बैकुंठपुर नगर पालिका में स्वच्छता व्यवस्था की दुर्दशा इस बात का सबूत है कि स्वच्छ भारत मिशन सिर्फ कागजों और नारों तक ही सीमित रह गया है।
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