मिठाइयां बंटी, पटाखे फूटे, फोटो खिंची... लेकिन सड़क चौड़ीकरण अब तक लटका ! महीनों बाद भी बैकुंठपुर की जनता इंतजार में, जिम्मेदारों की जुबान पर भी नहीं रहा मुद्दा

 


बैकुंठपुर। शहर की वर्षों पुरानी और बहुप्रतीक्षित सड़क चौड़ीकरण योजना को लेकर बजट घोषणा के समय जो उत्साह और जश्न देखने को मिला था, वह अब सवालों में बदलता नजर आ रहा है। छत्तीसगढ़ के बजट में करवट से जमगहना तक सड़क चौड़ीकरण के लिए प्रावधान किए जाने की खबर सामने आते ही घड़ी चौक में सत्ताधारी दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़कर और मिठाइयां बांटकर इसे बड़ी उपलब्धि बताया था। लोगों को भरोसा दिलाया गया था कि अब सड़क चौड़ीकरण का सपना जल्द ही हकीकत बनने वाला है।

लेकिन बजट घोषणा के करीब तीन महीने बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। न तो सड़क पर कोई निर्माण कार्य शुरू हुआ है और न ही परियोजना जमीन पर उतरती दिखाई दे रही है। अब जून का महीना भी आ चुका है और बरसात की शुरुआत होने वाली है। ऐसे में लोगों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर सड़क चौड़ीकरण का मामला आगे बढ़ क्यों नहीं रहा।

दरअसल, इस संबंध में तत्कालीन कलेक्टर ने भी स्पष्ट किया था कि सड़क चौड़ीकरण कार्य के लिए अब तक शासन की ओर से राशि प्राप्त नहीं हुई है। राशि स्वीकृत और जारी हुए बिना कार्य शुरू करना संभव नहीं है। इतना ही नहीं, परियोजना का  टेक्निकल सैंक्शन (तकनीकी स्वीकृति) भी उस समय तक नहीं हुआ था, जिसके कारण निर्माण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई।

यानी जिस सड़क चौड़ीकरण को लेकर जश्न मनाया गया, उसकी मूल प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाएं ही पूरी नहीं हुई थीं। ऐसे में अब सवाल उठ रहे हैं कि जब राशि जारी नहीं हुई थी और तकनीकी स्वीकृति भी लंबित थी, तब जनता के बीच यह संदेश क्यों दिया गया कि सड़क चौड़ीकरण का काम जल्द शुरू होने वाला है?

शहरवासियों का कहना है कि सड़क चौड़ीकरण बैकुंठपुर की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है। शहर की संकरी सड़कें, बढ़ता यातायात और लगातार हो रहे जाम लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। ऐसे में केवल घोषणाओं और जश्न से समस्या का समाधान नहीं होने वाला।

अब जनता की निगाहें प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर टिकी हैं। लोग जानना चाहते हैं कि सड़क चौड़ीकरण के लिए राशि कब आएगी, तकनीकी स्वीकृति की प्रक्रिया कहां तक पहुंची है और आखिर यह बहुप्रतीक्षित परियोजना धरातल पर कब दिखाई देगी।