मासूमों की जान के साथ खिलवाड़... क्षमता से अधिक बच्चों को ढो रहे स्कूली वाहन... परिवहन विभाग नींद में...!


कोरिया | जिला मुख्यालय बैकुंठपुर में बच्चों को स्कूल ले जाने-लाने वाली वैन, ऑटो और टाटा मैजिक गाड़ियां लापरवाही और नियमों को ताक पर रखकर सड़कों पर बेधड़क दौड़ रही हैं। बच्चों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है। क्षमता से अधिक बच्चे ओवरलोड करके गाड़ियों में भरे जा रहे हैं।



सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि ये गाड़ियां परिवहन विभाग के जिला कार्यालय के सामने ही खड़ी रहती हैं, जहां बगल में ही स्कूल संचालित हो रहा है। बावजूद इसके विभाग के जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदकर बैठे रहते हैं। परिवहन अधिकारी शायद ही कभी एसी कमरे से बाहर निकलते हों, और उनका तर्क है— शिकायत मिलेगी तो कार्रवाई करेंगे। यानी जब तक कोई अभिभावक या आमजन शिकायत नहीं करेगा, तब तक विभाग नींद में सोया रहेगा।

कई गाड़ियों पर नंबर प्लेट तक नहीं लगी, तो कई वाहन अब तक हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) से वंचित हैं, जबकि सरकार ने इसे सभी वाहनों के लिए अनिवार्य कर रखा है। प्राइवेट स्कूलों की गाड़ियां भी पूरी तरह से ओवरलोड चल रही हैं। बच्चों के अभिभावकों से पूरी फीस वसूली जाती है, लेकिन बच्चों को भेड़-बकरी की तरह ठूंसकर गाड़ियों में लाया-ले जाया जा रहा है। यह न सिर्फ नियमों की धज्जियां उड़ाना है, बल्कि मासूमों की जान से सीधा खिलवाड़ है।



स्थानीय लोगों का कहना है कि यह परिवहन विभाग की सीधी लापरवाही है। अगर किसी दिन कोई बड़ा हादसा हुआ, तो जिम्मेदारी कौन लेगा? सवाल यही है कि विभाग की नाक के नीचे ही यह अब चल रहा है लेकिन अधिकारियों को फुर्सत नहीं जांच की...! अब देखना होगा विभाग कब बच्चों की सुरक्षा को लेकर जागेगा— या फिर हमेशा की तरह मूकदर्शक ही बना रहेगा।