दिया तले अंधेरा — नगर पालिका कार्यालय के सामने ही बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट

 

शहर को चमकाने और विकास के दावे करने वाली नगर पालिका की कार्यशैली पर अब सवाल उठने लगे हैं। वजह है — नगर पालिका कार्यालय के ठीक सामने वाली सड़क पर लगी स्ट्रीट लाइट का बंद होना। विडंबना यह है कि इन लाइटों को लगे अभी कुछ ही महीने हुए हैं और ये अभी गारंटी पीरियड में हैं, इसके बावजूद इन्हें सुधारने की कोई पहल नहीं की जा रही।

नगर पालिका कार्यालय के सामने लगी स्ट्रीट लाइट पिछले कई दिनों से बंद पड़ी है, जिससे रात के समय यहां अंधेरा छाया रहता है। यह वही स्थान है जहां से शहर की व्यवस्थाओं की निगरानी और संचालन होता है, लेकिन यहां की बदहाल स्थिति खुद नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब नगर पालिका कार्यालय के सामने ही लाइट बंद पड़ी है, तो शहर के बाकी हिस्सों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। हैरानी की बात यह भी है कि लाइट अभी गारंटी अवधि में है, फिर भी इंजीनियरिंग विभाग और नगर पालिका अधिकारियों की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।

एक ओर मुख्यमंत्री के प्रस्तावित आगमन को लेकर शहर के चुनिंदा मार्गों को सजाया और रोशन किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर आम जनता की सुविधाओं से जुड़े ऐसे मुद्दों को नजरअंदाज किया जा रहा है। ऐसा लगता है कि केवल वीआईपी मार्गों तक ही विकास सीमित है, जबकि बाकी शहर को लावारिस छोड़ दिया गया है।

अब सवाल यह है कि गारंटी में होने के बावजूद बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट को कब सुधारा जाएगा, और क्या नगर पालिका वीआईपी व्यवस्थाओं से आगे बढ़कर आम नागरिकों की समस्याओं पर भी ध्यान देगी या नहीं।