कोरिया जिले के बैकुंठपुर के तलवापारा स्थित एसएलआरएम सेंटर से एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है। जहां कागजों में कचरा प्रबंधन और छंटाई के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है।
तलवापारा में गेज नदी के किनारे बने इस कचरा सेंटर में पूरे शहर का कचरा लाकर डंप किया जा रहा है। यह क्षेत्र भले ही ग्राम पंचायत के अंतर्गत आता हो, लेकिन यहां शहरी कचरे का पहाड़ खड़ा कर दिया गया है।
नियमों के मुताबिक यहां कचरे की छंटाई होनी चाहिए, लेकिन मौके पर ऐसा कुछ भी होता नजर नहीं आता। उल्टा, प्लास्टिक और अन्य कचरे को खुलेआम जलाया जा रहा है, जो पूरी तरह नियम विरुद्ध है और पर्यावरण के लिए बड़ा खतरा बन चुका है।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस सेंटर के ठीक बगल में गेज नदी बहती है। कचरा उड़कर सीधे नदी में जा रहा है, जिससे पानी लगातार प्रदूषित हो रहा है। यही पानी आगे चलकर बैकुंठपुर शहर में उपयोग होता है, जिससे लोगों की सेहत पर भी खतरा मंडरा रहा है।
सिर्फ इंसान ही नहीं, बल्कि आसपास के गांवों के मवेशी भी इस लापरवाही की मार झेल रहे हैं। गाय और बैल दिनभर इस सड़े-गले कचरे को खा रहे हैं, जिससे वे बीमार पड़ रहे हैं और कई मामलों में उनकी मौत तक हो चुकी है।
अब सवाल यह है कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी कब जागेंगे? क्या स्वच्छता सिर्फ कागजों तक ही सीमित रहेगी, या फिर इस जहरीले कचरे पर कोई सख्त कार्रवाई भी होगी?



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