कोरिया जिले के बैकुंठपुर में शहरवासियों की सुविधा के लिए शुरू किया गया शहरी रेलवे आरक्षण केंद्र आज खुद ही बदहाली का शिकार हो गया है। करीब 15 साल पहले शुरू हुआ यह केंद्र अब जर्जर भवन, टूटे फर्नीचर और अव्यवस्था की कहानी बयान कर रहा है।
नगर पालिका बैकुंठपुर के पोस्ट ऑफिस के सामने स्थित सामुदायिक भवन में संचालित शहरी रेलवे आरक्षण केंद्र की हालत बेहद खराब हो चुकी है। केंद्र की फाल्स सीलिंग कई जगह से टूटकर लटक रही है, वहीं वर्षों पुराने फर्नीचर से ही काम चलाया जा रहा है। साफ-सफाई की व्यवस्था भी नियमित नहीं है, जिससे यहां आने वाले लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ता है।
इतना ही नहीं, केंद्र में एक साधारण अलमारी तक की व्यवस्था नहीं है, जिसके कारण जरूरी दस्तावेज और सामान को सुरक्षित व व्यवस्थित रखने में भी दिक्कतें होती हैं। बताया जाता है कि वर्ष 2011 में तत्कालीन कलेक्टर ऋतु सेन की पहल पर बैकुंठपुर में इस शहरी रेलवे आरक्षण केंद्र की शुरुआत की गई थी, ताकि लोगों को टिकट के लिए दूर न जाना पड़े। समझौते के अनुसार हर पीएनआर पर लगभग 15 रुपये नगर पालिका को मिलना था। इसके बदले नगर पालिका प्रशासन को फर्नीचर, साफ-सफाई, कर्मचारी का वेतन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध करानी थींl
लेकिन स्थापना के डेढ़ दशक बाद भी व्यवस्था में कोई खास सुधार देखने को नहीं मिला। उद्घाटन के समय रखा गया फर्नीचर आज भी इस्तेमाल हो रहा है और भवन की हालत लगातार खराब होती जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर के इतने महत्वपूर्ण सार्वजनिक केंद्र की यह स्थिति प्रशासन की उदासीनता को दर्शाती है। नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि आरक्षण केंद्र की जल्द मरम्मत कराई जाए, बेहतर फर्नीचर की व्यवस्था हो और नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को बेहतर सुविधा मिल सके।


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