बैकुंठपुर नगर पालिका की लापरवाही और उदासीनता का एक और मामला सामने आया है। कुमार चौक स्थित तीरथ गुप्ता कॉम्प्लेक्स में बनी सार्वजनिक लाइब्रेरी बदहाली का शिकार हो चुकी है। जिस जगह पर छात्र प्रदेश की सबसे बड़ी परीक्षाओं — सीजीपीएससी और व्यापम — की तैयारी करते हैं, वहां बुनियादी सुविधाएं भी नदारद हैं।
लाइब्रेरी की हालत ऐसी हो चुकी है कि छत से लगातार पानी टपकता रहता है। छात्र छात्राएं यहाँ पढ़ने आती है लेकिन उनके लिए शौचालय की भी कोई व्यवस्था नहीं है। अलमारियों में रखी किताबें सालों पुरानी हो चुकी हैं और नई किताबों की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। हालात इतने खराब हैं कि छात्र खुद अपनी किताबें खरीदकर यहां पढ़ने के लिए मजबूर हैं, क्योंकि यहां सिर्फ शांत माहौल ही एकमात्र सहारा बचा है।
गर्मी के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। लाइब्रेरी के अंदर लगे पंखे और एसी दोनों खराब पड़े हैं, जिससे भीषण गर्मी में पढ़ाई करना मुश्किल हो जाता है। न नियमित सफाई होती है, न ही रंग-रोगन या मरम्मत की कोई पहल ।
छात्रों का कहना है कि नगर पालिका की ओर से लाइब्रेरी के सुधार को लेकर न कोई सूचना दी जाती है, न ही कोई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। एक अभ्यर्थी ने कहा कि न किसी अधिकारी न पार्षद न अध्यक्ष न विधायक किसी ने भी इस ओर झांकने की हिमाकत तक नहीं की ....शायद शिक्षा सवालों को जन्म देती है इसी वजह से कोई भी इस ओर ध्यान नहीं देना चाहता...।
एक तरफ नगर पालिका द्वारा सार्वजनिक शौचालयों के निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, वहीं शिक्षा की बुनियादी सुविधा मानी जाने वाली लाइब्रेरी उपेक्षा का शिकार बनी हुई है। स्थानीय लोगों और अभ्यर्थियों का सवाल है — क्या करोड़ों रुपये के शौचालय ज्यादा जरूरी हैं, या वह लाइब्रेरी जहां से बच्चे अपने भविष्य की नींव रखते हैं?
कुमार चौक की यह लाइब्रेरी सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि सैकड़ों युवाओं के सपनों का केंद्र है। लेकिन नगर पालिका की अनदेखी के चलते यह केंद्र अब बदहाली का प्रतीक बनता जा रहा है। सवाल यह है कि जिम्मेदार कब जागेंगे और छात्रों को बेहतर सुविधा कब मिलेगी?






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