बैकुंठपुर में सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल, खराब रिक्शों से जूझ रहीं महिला कर्मी

 

बैकुंठपुर नगर पालिका की सफाई व्यवस्था एक बार फिर चर्चा में है। शहर में कचरा ढोने के लिए इस्तेमाल होने वाले हाथ रिक्शों की बदहाल स्थिति ने सफाई कार्य में जुटी महिला कर्मियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

नगर पालिका में कागजों में 17 हाथ से खींचे जाने वाले कचरा रिक्शे दर्ज हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि उनमें से केवल एक-दो ही उपयोग लायक बचे हैं। अधिकांश रिक्शों की लोहे की चादरें गल चुकी हैं, जिससे कचरा रास्ते में ही गिरता रहता है और सफाई के बजाय गंदगी और फैलती है।

महिला कर्मचारियों का कहना है कि रिक्शों की खराब हालत की शिकायत कई बार अधिकारियों तक पहुंचाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।

वहीं नगर पालिका में प्लेसमेंट पर कार्यरत पुरुष कर्मचारियों की संख्या करीब 105 बताई जा रही है, जबकि महिला कर्मचारियों की संख्या लगभग 50 है। इसके बावजूद शहर के अधिकांश सफाई कार्य महिलाओं के जिम्मे ही दिखाई देते हैं, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि बड़ी संख्या में तैनात पुरुष कर्मचारी किस काम में लगे हैं।

शहर के कचहरी पारा समेत कई इलाकों में गंदगी के ढेर और अनियमित सफाई से लोगों की नाराजगी बढ़ रही है। स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका प्रशासन से खराब रिक्शों की तत्काल मरम्मत, सफाई व्यवस्था में सुधार और कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है, ताकि शहर में स्वच्छता व्यवस्था पटरी पर लौट सके।