कोरिया।
छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ, कोरिया जिला इकाई में अध्यक्ष पद के चयन को लेकर मंथन तेज हो गया है। 31 जनवरी को वर्तमान अध्यक्ष के सेवानिवृत्त होने के बाद संगठन को नया नेतृत्व मिलना है, लेकिन इस प्रक्रिया ने कर्मचारियों के बीच असमंजस और चिंता की स्थिति पैदा कर दी है।
दरअसल, अध्यक्ष पद के लिए एक ऐसे बाबू का नाम आगे बढ़ने की चर्चाएं हैं, जिनकी छवि को लेकर संगठन के भीतर ही गंभीर सवाल उठ रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जिस व्यक्ति पर पूर्व में भ्रष्टाचार जैसे आरोप लग चुके हों, उसे संगठन की कमान सौंपना संघ की साख के लिए घातक साबित हो सकता है।
बताया जा रहा है कि उक्त कर्मचारी को पहले इन्हीं आरोपों के चलते जिला अस्पताल से हटाकर जिला पंचायत में संलग्न किया गया था। अब दोबारा संगठन में प्रभाव बढ़ाने की कोशिशों को कर्मचारी संदेह की नजर से देख रहे हैं। कर्मचारियों के बीच यह चर्चा आम है कि कहीं अध्यक्ष पद संगठन सेवा का माध्यम बनने के बजाय व्यक्तिगत सुरक्षा कवच न बन जाए।
संघ से जुड़े कई कर्मचारियों का मानना है कि स्वास्थ्य विभाग जैसे संवेदनशील क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों के संगठन को एक ऐसे नेतृत्व की जरूरत है, जो ईमानदारी, पारदर्शिता और कर्मचारियों की वास्तविक समस्याओं को उठाने में सक्षम हो। यदि विवादित छवि वाले व्यक्ति को आगे बढ़ाया गया, तो इससे न सिर्फ संघ की विश्वसनीयता कमजोर होगी, बल्कि कर्मचारियों का भरोसा भी डगमगा सकता है।
इसी कारण अब संघ के भीतर यह मांग जोर पकड़ रही है कि अध्यक्ष चयन की प्रक्रिया को पारदर्शी रखा जाए और सभी कर्मचारियों की सहमति से स्वच्छ छवि वाले व्यक्ति को जिम्मेदारी सौंपी जाए।
अब सबकी नजरें 31 जनवरी के बाद होने वाले फैसले पर टिकी हैं, जहां यह तय होगा कि कोरिया जिला इकाई को ऐसा नेतृत्व मिलता है जो संगठन को मजबूत करे, या फिर यह विवाद संघ के भीतर और गहराता है।


