कोरिया जिले के सीसीएल क्षेत्र अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत काटकोना एक बार फिर वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर सुर्खियों में है। पंचायत के वर्तमान सचिव गणेश राजवाड़े पर पहले भी शासकीय दस्तावेजों में कथित छेड़छाड़ के आरोप लगे थे, जिनकी विभागीय जांच में तथ्य सामने आने की बात कही जाती है। हालांकि, ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक इस मामले में कोई ठोस प्रशासनिक कार्रवाई नहीं हुई, जिससे व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
इसी बीच पंचायत में एक नया और कथित रूप से अधिक गंभीर मामला सामने आया है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार पंचायत में निर्माण व सामग्री खरीदी के नाम पर “मुकेश गुप्ता ट्रेडर्स” के बिल लगाए जा रहे हैं, जबकि संबंधित फर्म के पास वैध जीएसटी पंजीयन नहीं होने का दावा किया जा रहा है। आरोप है कि किसी अन्य व्यापारी का जीएसटी नंबर उपयोग कर बिलों को पंचायत रिकॉर्ड में संलग्न किया गया और उन्हीं के आधार पर भुगतान भी किया गया।
यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल जीएसटी नियमों का उल्लंघन होगा, बल्कि शासकीय धन के दुरुपयोग का मामला भी बन सकता है। ग्रामीणों और सूत्रों का यह भी दावा है कि जनपद स्तर के कुछ अधिकारियों की शह के बिना इस प्रकार के भुगतान संभव नहीं हैं। प्रभारी जनपद अधिकारी पर भी कथित कमीशनखोरी के आरोप लगाए जा रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ग्रामीणों में आक्रोश
ग्राम पंचायत में लगातार सामने आ रही कथित अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। लोगों का कहना है कि यदि पूर्व के मामलों में सख्त कार्रवाई होती, तो हालात यहां तक नहीं पहुंचते।
जांच की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि पंचायत स्तर पर हो रहे कार्यों और भुगतान की स्वतंत्र जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इन गंभीर आरोपों को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या पंचायत स्तर पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाते हैं।

