लर्निंग लाइसेंस शिविर से स्टॉफ गायब, आवेदक बेहाल...लगी लंबी कतार

 


कोरिया ।

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान जहां एक ओर परिवहन विभाग लोगों को जागरूक करने और सुविधाएं देने के दावे कर रहा है, वहीं बैकुंठपुर में विभागीय लापरवाही की बड़ी तस्वीर सामने आई है। पुलिस लाइन परिसर में प्रस्तावित लर्निंग लाइसेंस शिविर तय समय पर शुरू ही नहीं हो सका, जिससे दूर-दराज से पहुंचे आवेदकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।


बैकुंठपुर पुलिस लाइन में आज लर्निंग लाइसेंस बनाने के लिए विशेष शिविर आयोजित किया जाना था। शिविर की सूचना पहले से सार्वजनिक की गई थी, जिसके चलते बड़ी संख्या में आवेदक जरूरी दस्तावेजों के साथ सुबह से ही मौके पर पहुंचने लगे। लेकिन दोपहर लगभग 3 बजे तक आरटीओ विभाग का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी शिविर स्थल पर नहीं पहुंचा।


शिविर शुरू न होने से वहां मौजूद लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा। कई आवेदक ग्रामीण क्षेत्रों से आए थे, जिन्होंने परिवहन खर्च और समय दोनों लगाया, लेकिन अंततः उन्हें बिना काम हुए निराश होकर वापस लौटना पड़ा। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि न तो शिविर रद्द होने की कोई पूर्व सूचना दी गई थी और न ही वहां कोई जिम्मेदार अधिकारी स्थिति स्पष्ट करने पहुंचा।


आवेदकों में नाराजगी

लंबे इंतजार के बाद जब यह साफ हो गया कि शिविर नहीं लगेगा, तो आवेदकों में नाराजगी देखी गई। लोगों का कहना था कि विभाग की इस लापरवाही से आम नागरिकों का समय और पैसा दोनों बर्बाद हुआ है। कई युवाओं ने बताया कि वे लर्निंग लाइसेंस बनवाकर जल्द ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया आगे बढ़ाना चाहते थे, लेकिन अब उन्हें फिर से तारीख का इंतजार करना होगा।

विभागीय दावों पर सवाल

गौरतलब है कि इन दिनों राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा (यातायात) सप्ताह मनाया जा रहा है। इस दौरान परिवहन विभाग द्वारा जागरूकता कार्यक्रमों और जनसुविधाओं के दावे किए जा रहे हैं। ऐसे समय में लर्निंग लाइसेंस जैसे महत्वपूर्ण शिविर का बिना सूचना आयोजित न होना विभागीय समन्वय और जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

अब देखने वाली बात होगी कि इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होती है और प्रभावित आवेदकों के लिए दोबारा शिविर कब आयोजित किया जाएगा।

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