बैकुंठपुर पटना थाना क्षेत्र जिले में खदान क्षेत्र से जुड़ी एक गंभीर चोरी की घटना का खुलासा पुलिस जांच में हुआ है। दिनांक 12-13 जनवरी 2026 की मध्य रात्रि लगभग 1 से 2 बजे के बीच खदान से कोयला सेटिंग कटोरा तक लगी 330 बोल्ट डबल अमाउंट कॉपर केबल वायर को अज्ञात व्यक्तियों द्वारा काटकर चोरी कर लिया गया। चोरी की गई केबल की लंबाई लगभग 100 मीटर बताई जा रही है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 50 हजार रुपये है। घटना के बाद मामला थाना पटना में दर्ज किया गया, जहां पुलिस द्वारा अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस को विश्वसनीय सूचना प्राप्त हुई, जिसके आधार पर इस चोरी की पूरी साजिश का पर्दाफाश हुआ। पुलिस जांच में सामने आया कि ग्राम बर्दिया निवासी धर्मेंद्र उर्फ गोलू राजवाड़े, देवेंद्र कुमार उर्फ दहुआ, कुमार पदम, प्रकाश प्रजापति, धनेश्वर, गोविंद कुमार, राहुल सिंह, राजकुमार उर्फ छोटू खरवार, सहित अन्य लोग पनिका एवं बाबा बसर सभी ने एक राय होकर इस चोरी की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पहले गोगरी नाला के पास पावर सप्लाई बंद की, ताकि किसी को शक न हो और उसके बाद खदान क्षेत्र में लगी कॉपर केबल को कटर से काटकर चोरी कर लिया। चोरी की गई केबल को बाद में बैकुंठपुर निवासी नारेंद्र गुप्ता को 650 रुपये प्रति किलो की दर से बेच दिया गया।
जब पुलिस ने इस संबंध में नारेंद्र प्रसाद गुप्ता से पूछताछ की, तो उसने बताया कि उसने उक्त तांबा तार सुजीत ताम्रकार, निवासी ग्राम पचरा पोड़ी, थाना बैकुंठपुर के पास आगे बेच दिया था। पुलिस इस पूरे नेटवर्क को लेकर गंभीरता से जांच कर रही है कि चोरी के तार कहां-कहां तक जुड़े हुए हैं और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं। इस घटना से खदान प्रबंधन और बिजली आपूर्ति व्यवस्था को भी नुकसान पहुंचा है। केबल कटने के कारण संबंधित क्षेत्र में कुछ समय के लिए विद्युत आपूर्ति बाधित रही, जिससे उत्पादन और कार्य प्रभावित हुआ। खदान क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस का कहना है कि सभी संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पुलिस यह भी जांच कर रही है कि चोरी की गई केबल का इस्तेमाल कहां किया गया या आगे किन व्यापारियों तक बेचा गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि खदान और औद्योगिक क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ाए जाने की आवश्यकता है, ताकि इस प्रकार की संगठित चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि मामले में शामिल सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर कानून के दायरे में लाया जाएगा।
