बैकुंठपुर। ग्राम पंचायत खोड़री की शासकीय भूमि खसरा नंबर 52 में चल रहे विवाद ने प्रशासन के सामने गंभीर स्थिति खड़ी कर दी है। उक्त भूमि पर न्यायिक एवं प्रशासनिक स्तर पर पहले से ही स्टे (स्थगन आदेश) लागू है। इसके बावजूद समाज के कुछ सदस्यों द्वारा जबरदस्ती मूर्ति स्थापना का कार्य प्रारंभ किए जाने की जानकारी सामने आई है, जिससे गांव में तनाव का माहौल बन गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, खसरा नंबर 52 पंचायत की शासकीय भूमि है, जिस पर किसी भी प्रकार का निर्माण, मूर्ति स्थापना या अन्य गतिविधि करने पर स्पष्ट रूप से रोक लगाई गई है।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि दुर्गा पूजा के वक्त उन्हें तमाम अधिकारियों से अनुमति लेना पड़ता है लेकिन अब स्थायी मूर्ति स्थापित करने के प्रयास पर प्रशासन मौन है
शासन-प्रशासन द्वारा लिखित एवं मौखिक रूप से यह आदेश जारी किया गया है कि आगामी आदेश तक उक्त भूमि पर कोई भी कार्य नहीं किया जाएगा। विशेष रूप से दिनांक 27 जनवरी 2026 को संबंधित प्रकरण में आगामी आदेश तक पूर्ण रोक का निर्देश प्रभावशील है। इसके बावजूद आरोप है कि समाज के कुछ लोगों द्वारा प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी करते हुए मूर्ति स्थापित करने की तैयारी की जा रही है और मौके पर कार्य भी प्रारंभ कर दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका है और भविष्य में बड़ा विवाद खड़ा हो सकता है। स्थानीय नागरिकों एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने इस मामले को गंभीर बताते हुए जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है। साथ ही यह भी सवाल उठ रहा है कि जब स्टे स्पष्ट रूप से लागू है, तो उसके बावजूद कार्य कैसे शुरू किया गया। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, मामले की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी गई है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है। वहीं ग्रामीणों ने कलेक्टर को भी इस बारे में अवगत कराया है..
ग्रामीणों का कहना है वह आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे ।फिलहाल पूरा मामला संवेदनशील बना हुआ है और ग्रामीण क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन से सख्त और निष्पक्ष कदम उठाने की अपेक्षा की जा रही है।



