"पीएम आवास में बड़ा खेल, अपात्र जनप्रतिनिधि को दिलाया गया लाभ” प्रशासन की भूमिका संदिग्ध...



Hrithik shivhare जनवरी 21, 2026

प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी महत्वाकांक्षी और गरीबों के लिए बनाई गई योजना में कोरिया जिले से एक बेहद गंभीर अनियमितता का मामला सामने आया है। आरोप है कि ग्राम पंचायत खोड़ में एक जनपद पंचायत सदस्य को पहले अपात्र घोषित किए जाने के बावजूद, कथित प्रशासनिक मिलीभगत के चलते दोबारा पात्र बनाकर योजना का लाभ दे दिया गया।


जानकारी के अनुसार, जिस जनप्रतिनिधि को नियमों के तहत अपात्र ठहराया गया था, उसी के पक्के मकान की छत पर प्रधानमंत्री आवास निर्माण दर्शाते हुए जियो-टैगिंग कर दी गई। यही नहीं, नियमों की अनदेखी करते हुए आवास निर्माण की पहली किस्त के रूप में लगभग 90 हजार रुपये की राशि सीधे हितग्राही के खाते में ट्रांसफर कर दी गई।


मामले की पोल उस वक्त खुली जब पटना निवासी एक व्यक्ति ने पीएमओ पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद कोरिया प्रशासन हरकत में आया और जांच टीम का गठन किया गया। जांच के दौरान हितग्राही ने पास में बन रहे एक अन्य मकान को प्रधानमंत्री आवास बताकर जांच टीम को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन जब जियो-टैगिंग का तकनीकी सत्यापन किया गया तो सच्चाई सामने आ गई। जांच में स्पष्ट हुआ कि पहले से बने पक्के मकान के ऊपर मंजिल को प्रधानमंत्री आवास बताकर, आवास मित्र की मदद से गलत तरीके से जियो-टैगिंग कराई गई थी।




पूरे मामले को लेकर ग्राम पंचायत खोड़ ने भी जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायत में न केवल निष्पक्ष जांच की मांग की गई है, बल्कि अपात्र जनप्रतिनिधि द्वारा निकाली गई शासकीय राशि की वसूली और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की भी मांग की गई है।

अब बड़ा सवाल यह है कि

➡️ क्या कोरिया प्रशासन इस गंभीर मामले में निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई करेगा?

➡️ क्या अपात्र हितग्राही से राशि की वसूली सुनिश्चित होगी?

➡️ और क्या इस पूरे खेल में शामिल जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी कार्रवाई होगी?

फिलहाल पूरा जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजरें टिकी हैं।

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